गोविंदनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
प्रभाकर त्रिपाठी (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 31.3% वोट पाकर गोविंदनगर सीट जीती और हंसदेव सिंह गौतम (BJS) को 3,020 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 296 हसवा थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 296 राजपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रभाकर त्रिपाठी | 18,51031.3% | |
| 2 | हंसदेव सिंह गौतम Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 15,49026.2% |
| 3 | संत सिंह युसुफ वाम दल | वाम दल | 14,00423.7% |
| 4 | जमुना प्रसाद दीक्षित | 8,41614.2% | |
| 5 | गौरी शंकर अहिरवार | 1,5162.6% | |
| 6 | जुगुन निर्दलीय | निर्दलीय | 3050.5% |
| 7 | सुरेन्द्र चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2560.4% |
| 8 | महेश प्रसाद MAP | MAP | 1880.3% |
| 9 | रवि प्रताप नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.3% |
| 10 | प्रभु दयाल अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.3% |
| 11 | नरेश चन्द श्रीवास्तव RRP | RRP | 1360.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोविंदनगर से कौन जीता, 1967–1969
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 35.9% से घटकर 31.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 49.4% से घटकर 47.0% रह गया।
- 1967पी. त्रिपाठी (INC), जीत का अंतर 11.7%
- 1969प्रभाकर त्रिपाठी (INC), जीत का अंतर 5.1%