कसयाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
सूर्य प्रताप शाही (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 44.9% वोट पाकर कसया सीट जीती और ब्रह्म शंकर (JD) को 6,741 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 200 रामकोला थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 200 मेहनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सूर्य प्रताप शाही | 45,37544.9% | |
| 2 | ब्रह्म शंकर जनता दल | जनता दल | 38,63438.2% |
| 3 | श्री प्रकाश | 6,0476.0% | |
| 4 | हरि शंकर | 4,3134.3% | |
| 5 | राम नरेश पाण्डेय JP | JP | 2,6562.6% |
| 6 | भभूति निर्दलीय | निर्दलीय | 6950.7% |
| 7 | मोती निर्दलीय | निर्दलीय | 6310.6% |
| 8 | मगसूद निर्दलीय | निर्दलीय | 6040.6% |
| 9 | बल्लभ शरण निर्दलीय | निर्दलीय | 5220.5% |
| 10 | राम नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 4740.5% |
| 11 | योगेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 4150.4% |
| 12 | विद्या सागर निर्दलीय | निर्दलीय | 2680.3% |
| 13 | शारदा | 2620.3% | |
| 14 | सुग्रीव निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 15 | अशोक कुमार जायसवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, JD और INC को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कसया से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 57.1% से घटकर 53.2% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974राज मंगल पाण्डेय (INC), जीत का अंतर 2.7%
- 1977राजमंगल पाण्डेय (JNP), जीत का अंतर 50.8%
- 1980राज मंगल पाण्डेय (INC(U)), जीत का अंतर 39.5%
- 1985सूर्य प्रताप शाही (BJP), जीत का अंतर 0.7%
- 1989ब्रह्म शंकर (JD), जीत का अंतर 10.9%
- 1991सूर्य प्रताप शाही (BJP), जीत का अंतर 6.7%
- 1993ब्रह्म शंकर त्रिपाठी (JD), जीत का अंतर 10.4%
- 1996सूर्य प्रताप शाही (BJP), जीत का अंतर 5.4%