पडरौनाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
सुरेन्द्र शुक्ला (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 46.4% वोट पाकर पडरौना सीट जीती और असगर (CPI) को 22,180 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 197 महराजगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 197 अतरौलिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुरेन्द्र शुक्ला 22.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेन्द्र शुक्ला | 45,67546.4% | |
| 2 | असगर वाम दल | वाम दल | 23,49523.9% |
| 3 | मुरलीधर JP | JP | 8,6928.8% |
| 4 | राघव | 6,0026.1% | |
| 5 | असरफ | 5,4085.5% | |
| 6 | राम सुभग निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7312.8% |
| 7 | योगेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1462.2% |
| 8 | सुरेन्द्र प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1391.2% |
| 9 | केदार | 5840.6% | |
| 10 | कनक निर्दलीय | निर्दलीय | 5320.5% |
| 11 | एस. जे. हैदर निर्दलीय | निर्दलीय | 5140.5% |
| 12 | बाबू राम चौहान | 4460.5% | |
| 13 | राम प्रीत निर्दलीय | निर्दलीय | 4340.4% |
| 14 | विनय प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 4010.4% |
| 15 | राम बचन निर्दलीय | निर्दलीय | 1880.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.47 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पडरौना से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 52.8% से घटकर 51.9% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974पुरुषोत्तम (BKD), जीत का अंतर 9.9%
- 1977पुरुषोत्तम कौशिक (JNP), जीत का अंतर 15.0%
- 1980बृज किशोर (INC(I)), जीत का अंतर 3.5%
- 1985बालेश्वर (LKD), जीत का अंतर 22.8%
- 1989असगर (CPI), जीत का अंतर 0.7%
- 1991सुरेन्द्र शुक्ला (BJP), जीत का अंतर 22.5%
- 1993बालेश्वर यादव (SP), जीत का अंतर 3.4%
- 1996रतन जीत प्रताप नारायण सिंह (INC), जीत का अंतर 12.0%