चांदाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
अरुण प्रताप सिंह (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 38.8% वोट पाकर चांदा सीट जीती और सुभाष चन्द्र त्रिपाठी (INC) को 17,460 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 127 सुल्तानपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 127 नवाबगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अरुण प्रताप सिंह 23.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अरुण प्रताप सिंह | 29,43538.8% | |
| 2 | सुभाष चन्द्र त्रिपाठी | 11,97515.8% | |
| 3 | इकबाल अहमद | 11,30514.9% | |
| 4 | रविन्द्र नाथ सिंह JP | JP | 8,89611.7% |
| 5 | अशोक कुमार पाण्डेय जनता दल | जनता दल | 7,83610.3% |
| 6 | तेज बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0531.4% |
| 7 | झरिहाग निर्दलीय | निर्दलीय | 9301.2% |
| 8 | राजेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 8711.1% |
| 9 | इन्द्र मणि निर्दलीय | निर्दलीय | 5370.7% |
| 10 | तिरबेनी प्रसाद भीम BRP | BRP | 4550.6% |
| 11 | पारस निर्दलीय | निर्दलीय | 4210.6% |
| 12 | मंडोही निर्दलीय | निर्दलीय | 3680.5% |
| 13 | कृपाशंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.5% |
| 14 | राम लाल यादव | 3120.4% | |
| 15 | राम शिरोमणि निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.3% |
| 16 | सुरेन्द्र प्रताप निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.3% |
| 17 | रमेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.3% |
| 18 | हर्ष बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.2% |
| 19 | जगन नाथ वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.2% |
| 20 | अम्बिका प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 69% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चांदा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 46.0% से घटकर 40.6% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974कुंवर श्रीपाल सिंह (BJS), जीत का अंतर 6.4%
- 1977उदय प्रताप सिंह (JNP), जीत का अंतर 24.1%
- 1980राम सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 27.1%
- 1985शिव नारायण मिश्रा (INC), जीत का अंतर 19.0%
- 1989अशोक कुमार पाण्डेय (JD), जीत का अंतर 12.7%
- 1991अरुण प्रताप सिंह (BJP), जीत का अंतर 23.0%
- 1993सफदर राजा खान (BSP), जीत का अंतर 8.9%
- 1996अरुण प्रताप सिंह (BJP), जीत का अंतर 7.3%