सुल्तानपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
राम प्यारे शुक्ला (BJS) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 48.8% वोट पाकर सुल्तानपुर सीट जीती और मकबूल हुसैन खान (INC) को 3,590 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 127 इसौली थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 127 चांदा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम प्यारे शुक्ला Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 25,75648.8% |
| 2 | मकबूल हुसैन खान | 22,16642.0% | |
| 3 | राम सुमिरन | 2,4274.6% | |
| 4 | युसुफ खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5843.0% |
| 5 | गिरधारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5961.1% |
| 6 | शिवा नारायण पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJS, INC और PSP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुल्तानपुर से कौन जीता, 1967–1969
BJS ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 48.8%। मतदान प्रतिशत 1967 के 43.8% से बढ़कर 48.7% हो गया।
- 1967आर. पी. शुक्ला (BJS), जीत का अंतर 16.4%
- 1969राम प्यारे शुक्ला (BJS), जीत का अंतर 6.8%