पिथौरागढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
कमल किशन पाण्डेय (JNP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 44.6% वोट पाकर पिथौरागढ़ सीट जीती और रत्ना (INC) को 2,529 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 9 डीडीहाट थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 9 अमरोहा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कमल किशन पाण्डेय जनता | जनता | 18,66244.6% |
| 2 | रत्ना | 16,13338.5% | |
| 3 | किशन सिंह Lok Dal | Lok Dal | 4,1519.9% |
| 4 | जगदीश सिंह बोरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3753.3% |
| 5 | जगदीश चन्द्र | 1,0622.5% | |
| 6 | जनार्दन निर्दलीय | निर्दलीय | 3280.8% |
| 7 | भूप राम | 1440.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, INC और LKD को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिथौरागढ़ से कौन जीता, 1974–1996
JNP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; JNP ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 26.0% से बढ़कर 31.4% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974दयाकिशन पाण्डेय (NCO), जीत का अंतर 17.4%
- 1977कमल किशन पाण्डेय (JNP), जीत का अंतर 8.3%
- 1980नरेन्द्र सिंह बिष्ट (INC(I)), जीत का अंतर 17.6%
- 1985कमल किशन पाण्डेय (JNP), जीत का अंतर 6.0%
- 1989महेन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 1991श्री कृष्ण चन्द्र (BJP), जीत का अंतर 7.4%
- 1993महेन्द्र सिंह महरा (मनू भाई) (INC), जीत का अंतर 7.5%
- 1996कृष्ण चन्द्र पुनेठा (BJP), जीत का अंतर 12.2%