मानिकपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
श्रीमोनी भाई (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 48.1% वोट पाकर मानिकपुर सीट जीती और रमेश चन्द्र (BJP) को 11,315 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 315 छिबरामऊ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 315 गरौठा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — श्रीमोनी भाई 30.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रीमोनी भाई | 17,69848.1% | |
| 2 | रमेश चन्द्र | 6,38317.4% | |
| 3 | कामता वाम दल | वाम दल | 6,18316.8% |
| 4 | लक्ष्मी प्रसाद वर्मा Lok Dal | Lok Dal | 3,3079.0% |
| 5 | गैजा निर्दलीय | निर्दलीय | 8652.4% |
| 6 | दर्शन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7252.0% |
| 7 | गया प्रसाद कोटयाबंधु निर्दलीय | निर्दलीय | 5511.5% |
| 8 | भारत लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4521.2% |
| 9 | दुर्गा | 4021.1% | |
| 10 | दवारपाल उर्फ़ दवारिका पसद ICJ | ICJ | 2030.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मानिकपुर से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 32.5% से घटकर 26.9% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974लक्ष्मी प्रसाद (BJS), जीत का अंतर 11.6%
- 1977रमेश चन्द (JNP), जीत का अंतर 14.2%
- 1980शिरोमणि (INC(I)), जीत का अंतर 27.4%
- 1985श्रीमोनी भाई (INC), जीत का अंतर 30.8%
- 1989सिया दुलारी (INC), जीत का अंतर 8.7%
- 1991मन्नु लाल कुरील (BJP), जीत का अंतर 8.3%
- 1993मन्नु लाल कुरील (BJP), जीत का अंतर 5.3%
- 1996दद्दू प्रसाद (BSP), जीत का अंतर 9.8%