कायमगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
राजेंदर सिंह (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 34.4% वोट पाकर कायमगंज सीट जीती और इजहार आलम खान (INC) को 13,000 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 313 कन्नौज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 313 बबीना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 34,85534.4% |
| 2 | इजहार आलम खान | 21,85521.6% | |
| 3 | गिरीश चन्द्र तिवारी | 18,65718.4% | |
| 4 | अनवर मोहम्मद खान Lok Dal | Lok Dal | 18,54018.3% |
| 5 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5223.5% |
| 6 | फोल सिंह ICJ | ICJ | 1,1741.2% |
| 7 | राम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 7730.8% |
| 8 | राम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 6960.7% |
| 9 | नवीन चन्द्र | 6820.7% | |
| 10 | अब्दुल अजीज खान निर्दलीय | निर्दलीय | 4100.4% |
| 11 | हंस राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कायमगंज से कौन जीता, 1974–1996
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JNP(SC) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 54.6% से बढ़कर 58.9% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974अनवर मोहम्मद (IND), जीत का अंतर 1.1%
- 1977गिरीश चन्द्र तिवारी (JNP), जीत का अंतर 9.3%
- 1980अनवर मो. खान (JNP(SC)), जीत का अंतर 11.9%
- 1985राजेंदर सिंह (IND), जीत का अंतर 12.8%
- 1989फ़कीरे लाल वर्मा (IND), जीत का अंतर 3.5%
- 1991इजहार आलम खान (JD), जीत का अंतर 4.1%
- 1993प्रताप सिंह यादव (SP), जीत का अंतर 2.6%
- 1996सुशील शाक्य (BJP), जीत का अंतर 1.8%