नवाबगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
जवाहर सिंह यादव (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 31.7% वोट पाकर नवाबगंज सीट जीती और अंसारी मोहम्मद अमीन (INC) को 1,025 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 274 बारा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 274 कानपुर कैंट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नवाबगंज का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,025 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जवाहर सिंह यादव Lok Dal | Lok Dal | 21,75931.7% |
| 2 | अंसारी मोहम्मद अमीन | 20,73430.2% | |
| 3 | प्रभा शंकर पाण्डेय | 6,7609.9% | |
| 4 | राजाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2034.7% |
| 5 | जंगबहादुर सिंह पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7724.0% |
| 6 | राम करण ICS | ICS | 1,5132.2% |
| 7 | भरतराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4332.1% |
| 8 | विनोद कुमार जनता | जनता | 1,2791.9% |
| 9 | शेरबहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2561.8% |
| 10 | राम सजीवन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2311.8% |
| 11 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0131.5% |
| 12 | नन्हे लाल पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 9941.4% |
| 13 | राम सरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 9511.4% |
| 14 | मोहम्मद जुबेद कमल निर्दलीय | निर्दलीय | 7521.1% |
| 15 | छेदी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6390.9% |
| 16 | भैया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4220.6% |
| 17 | जागेश्वर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3300.5% |
| 18 | लक्ष्मी कान्ता यादव | 2870.4% | |
| 19 | मिलन निर्दलीय | निर्दलीय | 2480.4% |
| 20 | गिरजा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.3% |
| 21 | फिरोज अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.3% |
| 22 | सालिग राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.2% |
| 23 | विजय कुमारी मौर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 24 | माता प्रसाद मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.2% |
| 25 | अब्दुल रऊफ़ ज़ाफ़री निर्दलीय | निर्दलीय | 1170.2% |
| 26 | ख़्वाजा फुरकान अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 410.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नवाबगंज से कौन जीता, 1974–1996
LKD ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 36.3% से बढ़कर 44.6% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974राम पूजन पटेल (INC), जीत का अंतर 12.8%
- 1977मुजफ्फर हसन (JNP), जीत का अंतर 4.2%
- 1980मोहम्मद अमीन (INC(I)), जीत का अंतर 7.1%
- 1985जवाहर सिंह यादव (LKD), जीत का अंतर 1.5%
- 1989नज़म उद्दीन (BSP), जीत का अंतर 1.4%
- 1991प्रभा शंकर पाण्डेय (BJP), जीत का अंतर 3.1%
- 1993नज़मुद्दीन (BSP), जीत का अंतर 15.4%
- 1996विक्रमाजीत मौर्य (INC), जीत का अंतर 7.6%