आज़मगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
दुर्गा प्रसाद (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 50.6% वोट पाकर आज़मगढ़ सीट जीती और जगपति राय (INC) को 19,263 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 211 बरहज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 211 बलिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दुर्गा प्रसाद 27.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दुर्गा प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 35,47150.6% |
| 2 | जगपति राय | 16,20823.1% | |
| 3 | राम सागर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7203.9% |
| 4 | राज बली निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7033.9% |
| 5 | शाहिद वाम दल | वाम दल | 2,0622.9% |
| 6 | परभू नाथ | 1,7312.5% | |
| 7 | श्याम करण Lok Dal | Lok Dal | 1,6572.4% |
| 8 | शाह आलम ICJ | ICJ | 1,6022.3% |
| 9 | जगलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 9501.4% |
| 10 | गणेश निर्दलीय | निर्दलीय | 9381.3% |
| 11 | पातीराम जनता | जनता | 7331.1% |
| 12 | जय प्रकाश राय निर्दलीय | निर्दलीय | 5230.8% |
| 13 | चन्द्र मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 4910.7% |
| 14 | शिव शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 4460.6% |
| 15 | धनई सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3080.4% |
| 16 | अनिल कुमार | 3060.4% | |
| 17 | सलाहउदीन निर्दलीय | निर्दलीय | 2400.3% |
| 18 | ए. कदीर निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.3% |
| 19 | नन्द लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.3% |
| 20 | केदार निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.3% |
| 21 | ओंकार निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.2% |
| 22 | परमानन्द प्रसाद जायसवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.2% |
| 23 | प्यारे मोहन आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 24 | श्याम सुन्दर निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आज़मगढ़ से कौन जीता, 1974–1996
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 45.2% से घटकर 44.6% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974विश्राम (BKD), जीत का अंतर 19.5%
- 1977भीमा प्रसाद (INC), जीत का अंतर 7.7%
- 1980राम कुंवर सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 6.6%
- 1985दुर्गा प्रसाद (IND), जीत का अंतर 27.5%
- 1989दुर्गा प्रसाद यादव (JD), जीत का अंतर 38.9%
- 1991दुर्गा प्रसाद यादव (JD), जीत का अंतर 11.9%
- 1993राज बली यादव (BSP), जीत का अंतर 21.0%
- 1996दुर्गा प्रसाद (SP), जीत का अंतर 22.8%