बरहजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
सुरेन्द्र प्रसाद (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 24.9% वोट पाकर बरहज सीट जीती और मोहन सिंह (LKD) को 2,600 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 206 गौरी बाज़ार थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 206 सियर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सुरेन्द्र प्रसाद 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेन्द्र प्रसाद | 18,00724.9% | |
| 2 | मोहन सिंह Lok Dal | Lok Dal | 15,40721.3% |
| 3 | कमलावती सिंह | 15,04820.8% | |
| 4 | स्वामी नाथ जनता | जनता | 14,48420.0% |
| 5 | काशी नाथ वाम दल | वाम दल | 3,2814.5% |
| 6 | महेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1383.0% |
| 7 | ग्रीश चन्द मिश्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3141.8% |
| 8 | राम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1021.5% |
| 9 | सतीश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 9621.3% |
| 10 | नारदेश्वर प्रसाद पाण्डेय | 6580.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बरहज से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट JNP(SC) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 39.7% से बढ़कर 43.5% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974सुरेन्द्र प्रसाद मिश्र (INC), जीत का अंतर 6.6%
- 1977मोहन सिंह (JNP), जीत का अंतर 21.3%
- 1980मोहन सिंह (JNP(SC)), जीत का अंतर 7.0%
- 1985सुरेन्द्र प्रसाद (INC), जीत का अंतर 3.6%
- 1989स्वामी नाथ (IND), जीत का अंतर 17.2%
- 1991दुर्गा प्रसाद मिश्रा (BJP), जीत का अंतर 11.3%
- 1993स्वामी नाथ (SP), जीत का अंतर 9.8%
- 1996प्रेम प्रकाश (BSP), जीत का अंतर 0.3%