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उत्तर प्रदेश · विधान सभा सीट नंबर 204

भाटपार रानीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985

कामेश्वर उपाध्याय (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 46.0% वोट पाकर भाटपार रानी सीट जीती और रघु राज सिंह (INC) को 21,827 वोटों से हराया।

1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 204 फ़ाज़िलनगर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 204 मऊ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

कामेश्वर उपाध्याय
IND
निर्दलीय 46.0%INC 22.1%10 अन्य 32.0%
मिले वोट
42,004
मतों का 46.0%
जीत का अंतर
21,827
कुल वोटों का 23.9%
उम्मीदवार
12
मतदान प्रतिशत
49.7%
1,83,671 मतदाताओं में से

सुरक्षित अंतर से जीत — कामेश्वर उपाध्याय 23.9% से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

12 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
कामेश्वर उपाध्याय
निर्दलीय
निर्दलीय
42,00446.0%
2
रघु राज सिंह
20,17722.1%
3
हरि बंश सहाय
Lok Dal
Lok Dal
16,92218.5%
4
अयोध्या
वाम दल
वाम दल
3,2713.6%
5
राज नाथ
निर्दलीय
निर्दलीय
2,3112.5%
6
हरि हर
जनता
जनता
1,3701.5%
7
सरजू
निर्दलीय
निर्दलीय
1,3691.5%
8
सारधा नन्द
1,1621.3%
9
सिया राम
निर्दलीय
निर्दलीय
8781.0%
10
श्रीश चन्द
निर्दलीय
निर्दलीय
6760.7%
11
बालखिला शर्मा
6540.7%
12
विश्व नाथ
निर्दलीय
निर्दलीय
5700.6%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
23.9%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
50%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
कई दावेदारों वाला मुक़ाबला

सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.37

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
425 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 213

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
46.0%निर्दलीय की जीत
निर्दलीय 46.0%INC 22.1%LKD 18.5%अन्य 13.4%

यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

भाटपार रानी से कौन जीता, 1974–1996

एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JNP(SC) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 48.7% से बढ़कर 49.7% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।

  1. 1974रघुराज सिंह (INC), जीत का अंतर 6.8%
  2. 1977राज मंगल (JNP), जीत का अंतर 15.6%
  3. 1980हरिबंश सहाय (JNP(SC)), जीत का अंतर 16.4%
  4. 1985कामेश्वर उपाध्याय (IND), जीत का अंतर 23.9%
  5. 1989हरिवंश सहाय (JD), जीत का अंतर 5.5%
  6. 1991हरि बंश सहाय (JD), जीत का अंतर 0.3%
  7. 1993कामेश्वर उपाध्याय (INC), जीत का अंतर 17.3%
  8. 1996योगेन्द्र सिंह (SP), जीत का अंतर 16.1%