गौरी बाज़ारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
रंजीत (JNP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 37.8% वोट पाकर गौरी बाज़ार सीट जीती और अनुरुद्ध (INC) को 3,783 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 201 हाटा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 201 लालगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। रंजीत 4.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रंजीत जनता | जनता | 29,38137.8% |
| 2 | अनुरुद्ध | 25,59832.9% | |
| 3 | नन्द किशोर सिंह Lok Dal | Lok Dal | 14,16918.2% |
| 4 | राम नारायण मौर्य उर्फ़ नारायण | 2,4893.2% | |
| 5 | बिशुन पति निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3611.8% |
| 6 | इंद्रजीत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2981.7% |
| 7 | राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल ICJ | ICJ | 1,2671.6% |
| 8 | काली चरण | 1,0701.4% | |
| 9 | नूर मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 6800.9% |
| 10 | प्रसिद्ध नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 4380.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गौरी बाज़ार से कौन जीता, 1974–1996
JNP ने यह सीट JNP(SC) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; JNP ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 46.4% से बढ़कर 48.8% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974अनिरुद्ध (INC), जीत का अंतर 10.0%
- 1977वीरेन्द्र (JNP), जीत का अंतर 14.2%
- 1980नन्द किशोर सिंह (JNP(SC)), जीत का अंतर 11.1%
- 1985रंजीत (JNP), जीत का अंतर 4.9%
- 1989लालझरी (IND), जीत का अंतर 23.9%
- 1991श्री निवास (BJP), जीत का अंतर 3.6%
- 1993शाकिर (BSP), जीत का अंतर 1.8%
- 1996श्री निवास मणि (BJP), जीत का अंतर 2.8%