बांसीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
हरीश चन्द्र (हरीशजी) (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 44.8% वोट पाकर बांसी सीट जीती और देना नाथ (INC) को 1,170 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 174 डुमरियागंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 174 लक्ष्मीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बांसी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,170 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरीश चन्द्र (हरीशजी) | 38,74544.8% | |
| 2 | देना नाथ | 37,57543.5% | |
| 3 | छोटे लाल Lok Dal | Lok Dal | 2,2222.6% |
| 4 | यज्ञ नारायण पाठक | 1,7172.0% | |
| 5 | दिलीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4161.6% |
| 6 | गौरी शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3201.5% |
| 7 | रघुपत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2241.4% |
| 8 | सनाउल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1051.3% |
| 9 | सत्य देव ओझा ICJ | ICJ | 5730.7% |
| 10 | अम्मन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5110.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और LKD को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बांसी से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 53.7% से घटकर 53.2% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974माधव प्रसाद त्रिपाठी (BJS), जीत का अंतर 8.1%
- 1977हरीश चन्द्र उर्फ़ हरीश जी (JNP), जीत का अंतर 20.8%
- 1980दिना नाथ (INC(I)), जीत का अंतर 6.6%
- 1985हरीश चन्द्र (हरीशजी) (BJP), जीत का अंतर 1.4%
- 1989जय प्रताप सिंह (IND), जीत का अंतर 31.8%
- 1991जय प्रताप सिंह (IND), जीत का अंतर 0.4%
- 1993जय प्रताप सिंह (BJP), जीत का अंतर 14.9%
- 1996जय प्रताप सिंह (BJP), जीत का अंतर 9.3%