बीरापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
राम राज शुक्ला (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 30.1% वोट पाकर बीरापुर सीट जीती और राम देव दुबे (LKD) को 852 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 119 प्रतापगढ़ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 119 बीकापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बीरापुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 852 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम राज शुक्ला | 21,37330.1% | |
| 2 | राम देव दुबे Lok Dal | Lok Dal | 20,52128.9% |
| 3 | मनसा अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 9,07812.8% |
| 4 | राजा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6,2038.7% |
| 5 | निजामुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7215.2% |
| 6 | प्रेम चन्द्र | 1,7792.5% | |
| 7 | ओंकार नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1061.6% |
| 8 | राम नरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 9731.4% |
| 9 | शिव वपादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 7161.0% |
| 10 | प्रेम धर दुवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 5890.8% |
| 11 | राम शिरोमणि निर्दलीय | निर्दलीय | 5890.8% |
| 12 | मोहम्मद याकूब निर्दलीय | निर्दलीय | 5750.8% |
| 13 | गंगोतरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5710.8% |
| 14 | राम समुझ निर्दलीय | निर्दलीय | 5710.8% |
| 15 | राम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5580.8% |
| 16 | जोखू लाल | 4490.6% | |
| 17 | अनिल कुमार जनता | जनता | 4170.6% |
| 18 | कलीमुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 3320.5% |
| 19 | साली अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2880.4% |
| 20 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.4% |
| 21 | राजेन्द्र मणि निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
| 22 | रूद्र पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.2% |
| 23 | वजीर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.2% |
| 24 | रामा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बीरापुर से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 41.9% से घटकर 41.4% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974शिव कुमारी दुबे (INC), जीत का अंतर 3.5%
- 1977राम देव दुबे (JNP), जीत का अंतर 6.3%
- 1980प्रभाकर नाथ द्विवेदी (INC(I)), जीत का अंतर 9.8%
- 1985राम राज शुक्ला (INC), जीत का अंतर 1.2%
- 1989जय सिंह (INC), जीत का अंतर 7.6%
- 1991सैयद अली (JD), जीत का अंतर 0.4%
- 1993लक्ष्मी नारायण पाण्डेय (गुरूजी) (BJP), जीत का अंतर 2.3%
- 1996शिवाकांत (BJP), जीत का अंतर 6.2%