लखनऊ मध्यविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
नरेश चन्द्र (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 61.2% वोट पाकर लखनऊ मध्य सीट जीती और वेद प्रकाश (BJP) को 19,342 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 103 लखनऊ पश्चिम थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 103 बीरापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नरेश चन्द्र 47.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेश चन्द्र | 25,08361.2% | |
| 2 | वेद प्रकाश | 5,74114.0% | |
| 3 | अब्दुल कमल खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9124.7% |
| 4 | इम्तियाज हुसैन Lok Dal | Lok Dal | 1,7834.3% |
| 5 | उमा शंकर मिश्रा जनता | जनता | 1,3413.3% |
| 6 | बाबू राम वाम दल | वाम दल | 1,2953.2% |
| 7 | सत्य वीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9172.2% |
| 8 | आशा श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 7401.8% |
| 9 | कतलू निर्दलीय | निर्दलीय | 4591.1% |
| 10 | सुबोध श्रीवास्तव ICS | ICS | 4281.0% |
| 11 | श्यामा निर्दलीय | निर्दलीय | 3360.8% |
| 12 | राम बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.5% |
| 13 | अब्दुल आला निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.3% |
| 14 | शिव संपत लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.3% |
| 15 | दिनेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.3% |
| 16 | राम सिंह सोनकर निर्दलीय | निर्दलीय | 980.2% |
| 17 | अंब्रीश शरण | 810.2% | |
| 18 | राय मधुकर नाथ श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 810.2% |
| 19 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 20 | राम चरण तिवारी उर्फ़ राम बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
| 21 | अब्दुल मुईज खान निर्दलीय | निर्दलीय | 340.1% |
| 22 | पवन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 310.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लखनऊ मध्य से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 34.1% से घटकर 22.7% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974रमेश चन्द्र श्रीवास्तव (INC), जीत का अंतर 11.8%
- 1977राम प्रकाश (JNP), जीत का अंतर 34.2%
- 1980मोहम्मद रफ़ी सिद्दीकी (INC(I)), जीत का अंतर 19.1%
- 1985नरेश चन्द्र (INC), जीत का अंतर 47.2%
- 1989बसंत लाल गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 5.1%
- 1991बसंत लाल गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 32.2%
- 1993राम प्रकाश (BJP), जीत का अंतर 18.9%
- 1996सुरेश कुमार श्रीवास्तव (BJP), जीत का अंतर 29.6%