मुग़लसरायविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
गंजी प्रसाद (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 41.1% वोट पाकर मुग़लसराय सीट जीती और यदुनाथ सिंह (निर्दलीय) को 4,299 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 240 सादात थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 240 शाहगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गंजी प्रसाद जनता | जनता | 24,65941.1% |
| 2 | यदुनाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 20,36034.0% |
| 3 | राजेन्द्र प्रसाद सिंह | 6,84811.4% | |
| 4 | श्री राम SSD | SSD | 5,3568.9% |
| 5 | मोती निर्दलीय | निर्दलीय | 9741.6% |
| 6 | देवनाथ उर्फ़ लल्लन निर्दलीय | निर्दलीय | 8581.4% |
| 7 | लक्ष्मण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5620.9% |
| 8 | सुखी सिंह अंधकार निर्दलीय | निर्दलीय | 3280.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुग़लसराय से कौन जीता, 1974–1996
JNP ने यह सीट BKD से छीन ली, जिसने इसे 1974 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1974 के 61.8% से घटकर 48.3% रह गया। इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट INC(I) ने जीती।