लालगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
ईश दत्त (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 43.3% वोट पाकर लालगंज सीट जीती और त्रिवेणी (INC) को 5,798 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 217 रानी की सराय थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 217 गाजीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ईश दत्त जनता | जनता | 28,61843.3% |
| 2 | त्रिवेणी | 22,82034.5% | |
| 3 | तेज बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 10,06015.2% |
| 4 | लाल चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8564.3% |
| 5 | त्रिभुवन दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7212.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.01 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लालगंज से कौन जीता, 1974–1996
JNP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1974 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1974 के 54.4% से घटकर 47.6% रह गया। इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट INC(I) ने जीती।