हरोराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1974
शकुन्तला देवी (INC) ने 1974 के विधान सभा चुनाव में 43.1% वोट पाकर हरोरा सीट जीती और बिमला (BKD) को 7,816 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 417 देवबंद थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से कोई सीट नंबर 417 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शकुन्तला देवी कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 30,10443.1% |
| 2 | बिमला महागठबंधन | महागठबंधन | 22,28831.9% |
| 3 | हरनंद | 11,44016.4% | |
| 4 | मोती राम महागठबंधन | महागठबंधन | 1,9912.9% |
| 5 | फूल चन्द | 1,8422.6% | |
| 6 | ओम प्रकाश | 1,1421.6% | |
| 7 | बलजीत महागठबंधन | महागठबंधन | 6851.0% |
| 8 | हरग्यान निर्दलीय | निर्दलीय | 3700.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हरोरा से कौन जीता, 1974–1996
इसके बाद 1977 के चुनाव में यह सीट JNP ने जीती।
- 1974शकुन्तला देवी (INC), जीत का अंतर 11.2%
- 1977बिमला राकेश (JNP), जीत का अंतर 3.1%
- 1980बिमला राकेश (JNP(SC)), जीत का अंतर 2.8%
- 1985विमला राकेश (LKD), जीत का अंतर 7.7%
- 1989बिमला राकेश (JD), जीत का अंतर 24.2%
- 1991विमला राकेश (JD), जीत का अंतर 16.3%
- 1993मोहर सिंह (BJP), जीत का अंतर 2.4%
- 1996माया वती (BSP), जीत का अंतर 16.1%