मुहम्मदाबाद-गोहनाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1974
शिव प्रसाद (BKD) ने 1974 के विधान सभा चुनाव में 42.6% वोट पाकर मुहम्मदाबाद-गोहना सीट जीती और श्याम लाल (INC) को 7,101 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 219 फूलपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 219 सादात है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिव प्रसाद महागठबंधन | महागठबंधन | 26,59942.6% |
| 2 | श्याम लाल कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 19,49831.2% |
| 3 | तपेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 6,47510.4% |
| 4 | श्री नाथ | 4,3697.0% | |
| 5 | गणेश महागठबंधन | महागठबंधन | 2,3143.7% |
| 6 | महाबली निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2383.6% |
| 7 | सुरजन निर्दलीय | निर्दलीय | 5800.9% |
| 8 | छोटे लाल | 4010.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुहम्मदाबाद-गोहना से कौन जीता, 1974–1996
इसके बाद 1977 के चुनाव में यह सीट JNP ने जीती।