मानीरामविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1972
आर.के. द्विवेदी (INC) ने 1972 के विधान सभा उपचुनाव में 53.9% वोट पाकर मानीराम सीट जीती और टी. नारायण (NCO) को 16,093 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 191 चिल्लूपार थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 191 सिसवा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — आर.के. द्विवेदी 26.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आर.के. द्विवेदी | 33,23053.9% | |
| 2 | टी. नारायण | 17,13727.8% | |
| 3 | रामधारी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,9569.7% |
| 4 | सी. शेखर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1103.4% |
| 5 | पलटू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7542.8% |
| 6 | आर. शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 8411.4% |
| 7 | आर. अवध निर्दलीय | निर्दलीय | 5820.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, NCO और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.63 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।