टिहरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
गोविन्द सिंह (CPI) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 46.7% वोट पाकर टिहरी सीट जीती और त्रेपन सिंह (INC) को 1,141 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 2 का नाम टिहरी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 2 का नाम अब भी टिहरी है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। गोविन्द सिंह 3.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोविन्द सिंह वाम दल | वाम दल | 15,63646.7% |
| 2 | त्रेपन सिंह | 14,49543.3% | |
| 3 | सोमबेरी लाल Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 3,36310.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, INC और BJS को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टिहरी से कौन जीता, 1967–1969
CPI ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 34.4% से घटकर 30.6% रह गया।
- 1967टी. सिंह (INC), जीत का अंतर 12.4%
- 1969गोविन्द सिंह (CPI), जीत का अंतर 3.4%