कमलपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2018
मनोज कान्ति देब (BJP) ने 2018 के विधान सभा चुनाव में 52.1% वोट पाकर कमलपुर सीट जीती और बिजय लक्ष्मी सिंघा (CPM) को 2,959 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 45 का नाम कमलपुर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2013 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मनोज कान्ति देब BJP + IPFT (NDA गठबंधन) | BJP + IPFT (NDA गठबंधन) | 20,16552.1% |
| 2 | बिजय लक्ष्मी सिंघा | 17,20644.5% | |
| 3 | बिजय कृष्ण चटर्जी UPA | UPA | 4431.1% |
| 4 | हसन चौधुरी | 3600.9% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 2560.7% |
| 5 | प्रेमतोष देब AMB | AMB | 2440.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और CPM को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.05 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
धलाई ज़िला · 3.8 लाख लोग · जनगणना 2011
क्वीन अनानास और अनानास से बने उत्पाद के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू81.2%
- बौद्ध10.3%
- ईसाई6.1%
- मुस्लिम2.2%
- सिख0.1%
- जैन<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कमलपुर से कौन जीता, 1977–2023
BJP ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 2013 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2013 के 92.7% से घटकर 89.7% रह गया। इसके बाद 2023 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977बिमल सिंघा (CPM), जीत का अंतर 59.5%
- 1983बिमल सिंघा (CPM), जीत का अंतर 19.5%
- 1988बिमल सिंघा (CPM), जीत का अंतर 6.3%
- 1993बिमल सिंघा (CPM), जीत का अंतर 16.2%
- 1998बिमल सिंघा (CPM), जीत का अंतर 8.5%
- 2003बिजय लक्ष्मी सिंघा (CPM), जीत का अंतर 12.6%
- 2008श्री मनोज कान्ति देब (INC), जीत का अंतर 0.6%
- 2013बिजय लक्ष्मी सिंघा (CPM), जीत का अंतर 4.0%
- 2018मनोज कान्ति देब (BJP), जीत का अंतर 7.7%
- 2023मनोज कान्ति देब (BJP), जीत का अंतर 13.0%