काकड़ाबन-शालगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 2018
रतन कुमार भौमिक (CPM) ने 2018 के विधान सभा चुनाव में 53.2% वोट पाकर काकड़ाबन-शालगढ़ सीट जीती और जितेन्द्र मजूमदार (BJP) को 3,767 वोटों से हराया।
2013 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 में सीट नंबर 33 माताबाड़ी थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.71 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
दक्षिण त्रिपुरा ज़िला · 8.8 लाख लोग · जनगणना 2011
काजू, माताबाड़ी पेड़ा और रिसा के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू84.0%
- बौद्ध5.6%
- मुस्लिम5.6%
- ईसाई4.5%
- सिख<0.1%
- जैन<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
काकड़ाबन-शालगढ़ से कौन जीता, 2013–2023
CPM ने 2013 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.1% से घटकर 53.2% रह गया। मतदान प्रतिशत 2013 के 94.7% से घटकर 92.9% रह गया। इसके बाद 2023 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।