बिशालगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
समीर रंजन बर्मन (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 51.2% वोट पाकर बिशालगढ़ सीट जीती और भानुलाल साहा (CPM) को 1,594 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 16 टाकारजला थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 16 का नाम अब भी बिशालगढ़ है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | समीर रंजन बर्मन INC + INPT | INC + INPT | 12,41451.2% |
| 2 | भानुलाल साहा | 10,82044.7% | |
| 3 | मोतीलाल साहा | 6972.9% | |
| 4 | निका देबबर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2961.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और CPM को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
पश्चिम त्रिपुरा ज़िला · 17.3 लाख लोग · जनगणना 2011
बांस से बने उत्पाद, सुगंधित चावल और त्रिपुरा रेशम आदि के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू87.7%
- मुस्लिम8.8%
- ईसाई3.1%
- बौद्ध0.1%
- सिख<0.1%
- जैन<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.2%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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बिशालगढ़ से कौन जीता, 1977–2008
INC ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1988 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.3% से घटकर 51.2% रह गया। यह 1983 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 80.3% से बढ़कर 83.1% हो गया। इसके बाद 2008 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।
- 1977गौतम प्रसाद दत्त (CPM), जीत का अंतर 15.5%
- 1983भानु लाल साहा (CPM), जीत का अंतर 3.1%
- 1988समीर रंजन बर्मन (INC), जीत का अंतर 10.3%
- 1993समीर राजन बर्मन (INC), जीत का अंतर 53.7%
- 1998समीर रंजन बर्मन (INC), जीत का अंतर 8.6%
- 2003समीर रंजन बर्मन (INC), जीत का अंतर 6.6%
- 2008भानुलाल साहा (CPM), जीत का अंतर 3.0%