तेलियामुड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
जितेन्द्र सरकार (CPM) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 49.9% वोट पाकर तेलियामुड़ा सीट जीती और अशोक कुमार वैद्य़ (INC) को 3,936 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 29 राजनगर थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 29 कृष्णपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जितेन्द्र सरकार 17.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जितेन्द्र सरकार वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 11,02849.9% |
| 2 | अशोक कुमार वैद्य़ | 7,09232.1% | |
| 3 | बिमल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8598.4% |
| 4 | भुबन बिजय मजूमदार AMB | AMB | 1,6787.6% |
| 5 | बृहलाल जमातिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.8% |
| 6 | आनन्द सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.6% |
| 7 | सुभाष चन्द्र घोष | 890.4% | |
| 8 | दबाहरी जमातिया निर्दलीय | निर्दलीय | 600.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और एक निर्दलीय को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तेलियामुड़ा से कौन जीता, 1977–2008
CPM ने 1988 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.8% से बढ़कर 49.9% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1988 के 83.7% से घटकर 80.5% रह गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।