सोनामुड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
सुबल रूद्र (CPM) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 54.2% वोट पाकर सोनामुड़ा सीट जीती और रसिकलाल राय (INC) को 2,963 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 21 बक्सनगर थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 21 नलछड़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुबल रूद्र वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 11,18154.2% |
| 2 | रसिकलाल राय | 8,21839.9% | |
| 3 | मो. मफीजुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 5732.8% |
| 4 | रतन दास | 5422.6% | |
| 5 | बजलुर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 510.3% |
| 6 | सुबल सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 320.2% |
| 7 | प्रदीप दास निर्दलीय | निर्दलीय | 240.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सोनामुड़ा से कौन जीता, 1977–2008
CPM ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1988 में जीता था; CPM ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1988 के 88.2% से घटकर 84.5% रह गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।