पानीसागरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
सुबोध चंद्र दास (CPM) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 53.5% वोट पाकर पानीसागर सीट जीती और बिबेकानंद चक्रवर्ती (निर्दलीय) को 3,595 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 59 कदमतला थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 59 पेंचारथल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुबोध चंद्र दास 28.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुबोध चंद्र दास वाम दल | वाम दल | 6,64253.5% |
| 2 | बिबेकानंद चक्रवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 3,04724.5% |
| 3 | आशुतोष दास कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 2,73822.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, एक निर्दलीय और INC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पानीसागर से कौन जीता, 1977–2008
CPM ने 1977 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 58.4% से घटकर 53.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1977 के 73.6% से बढ़कर 78.0% हो गया। इसके बाद 1988 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।