पेरम्बलुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
राजकुमार एम. (DMK) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 45.2% वोट पाकर पेरम्बलुर सीट जीती और सुंदरम एम. (ADMK) को 6,638 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 160 तिरुचिरापल्ली II थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 160 सीरकाइ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राजकुमार एम. 5.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजकुमार एम. डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | 60,47845.2% |
| 2 | सुंदरम एम. | 53,84040.2% | |
| 3 | मणिमेगलई पी. | 12,0079.0% | |
| 4 | पुगऴेंदी सी. निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4811.9% |
| 5 | भास्करन के. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9341.4% |
| 6 | पिच्चैमुथु आर. | 1,5301.1% | |
| 7 | नीतिराजा पी. निर्दलीय | निर्दलीय | 4590.3% |
| 8 | स्टालिन आर. | 4390.3% | |
| 9 | राजपांडियन आर. | 4250.3% | |
| 10 | सरवणन के. निर्दलीय | निर्दलीय | 2700.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK, ADMK और DMDK को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पेरम्बलुर से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने यह सीट ADMK से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; DMK ने यहाँ पिछली बार 1996 में जीत दर्ज की थी। यह 1989 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 62.1% से बढ़कर 73.9% हो गया।
- 1977एस.वी. रामासामी (ADK), जीत का अंतर 31.6%
- 1980राजू, जे. एस. (DMK), जीत का अंतर 6.4%
- 1984के. नल्लमुथु (INC), जीत का अंतर 32.8%
- 1989आर. पिच्चैमुथु (CPI), जीत का अंतर 0.4%
- 1991सेऴियन टी. (ADK), जीत का अंतर 46.7%
- 1996देवराजन, एम. (DMK), जीत का अंतर 19.9%
- 2001राजरत्नम पी. (ADMK), जीत का अंतर 15.9%
- 2006राजकुमार एम. (DMK), जीत का अंतर 5.0%