पेरम्बलुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
आर. पिच्चैमुथु (CPI) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 34.5% वोट पाकर पेरम्बलुर सीट जीती और एम. देवराज (DMK) को 431 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 160 तिरुचिरापल्ली II थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 160 सीरकाइ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पेरम्बलुर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 431 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आर. पिच्चैमुथु | 34,82934.5% | |
| 2 | एम. देवराज National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | 34,39834.1% |
| 3 | के. नलियामुथु | 21,30021.1% | |
| 4 | एन. सेल्वराजू ADK(JR) | ADK(JR) | 7,3897.3% |
| 5 | पी. पेरियासामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1661.2% |
| 6 | एम. पलनीमुथु निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0541.0% |
| 7 | एस. जनगरासन निर्दलीय | निर्दलीय | 3630.4% |
| 8 | के. वडिवेल निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.2% |
| 9 | सेल्वी वी. जीना निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
पेरम्बलुर से कौन जीता, 1977–2006
CPI ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह CPI की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1984 के 68.3% से घटकर 66.7% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट ADK ने जीती।
- 1977एस.वी. रामासामी (ADK), जीत का अंतर 31.6%
- 1980राजू, जे. एस. (DMK), जीत का अंतर 6.4%
- 1984के. नल्लमुथु (INC), जीत का अंतर 32.8%
- 1989आर. पिच्चैमुथु (CPI), जीत का अंतर 0.4%
- 1991सेऴियन टी. (ADK), जीत का अंतर 46.7%
- 1996देवराजन, एम. (DMK), जीत का अंतर 19.9%
- 2001राजरत्नम पी. (ADMK), जीत का अंतर 15.9%
- 2006राजकुमार एम. (DMK), जीत का अंतर 5.0%