ट्रिप्लिकेनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
बदर सईद (ADMK) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 47.3% वोट पाकर ट्रिप्लिकेन सीट जीती और नागनाथन एम. (DMK) को 2,776 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 12 सैदापेट थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 12 पेरम्बूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बदर सईद 3.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बदर सईद Democratic People's Alliance (TN) | Democratic People's Alliance (TN) | 40,40447.3% |
| 2 | नागनाथन एम. | 37,62844.0% | |
| 3 | शिवकुमार के. | 4,8345.7% | |
| 4 | सतीश कुमार एस. | 1,6311.9% | |
| 5 | विवेकानंदन आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 3190.4% |
| 6 | सरवणन के. | 1810.2% | |
| 7 | श्रीनिवासन आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.2% |
| 8 | शशिकुमार एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.2% |
| 9 | संतानम एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
| 10 | षणमुगम पी. निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADMK, DMK और DMDK को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ट्रिप्लिकेन से कौन जीता, 1977–2006
ADMK ने यह सीट DMK से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह ADMK की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 43.1% से बढ़कर 64.5% हो गया।
- 1977एम. अरंगनाथन (DMK), जीत का अंतर 3.2%
- 1980हजा शरीफ, के.एस.जी. (INC(I)), जीत का अंतर 10.8%
- 1984अब्दुल समद (DMK), जीत का अंतर 8.5%
- 1989नांजिल के. मनोहरन (DMK), जीत का अंतर 12.6%
- 1991मोहम्मद आसिफ (ADK), जीत का अंतर 17.6%
- 1996नांजिल मनोहरन, के. (DMK), जीत का अंतर 48.7%
- 2001हुसैन एस.ए.एम. (DMK), जीत का अंतर 5.2%
- 2006बदर सईद (ADMK), जीत का अंतर 3.3%