ट्रिप्लिकेनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
मोहम्मद आसिफ (ADK) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 55.1% वोट पाकर ट्रिप्लिकेन सीट जीती और नांजिल के. मनोहरन (DMK) को 12,452 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 12 सैदापेट थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 12 पेरम्बूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मोहम्मद आसिफ 17.6% से जीते।
सीट का इतिहास
ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद आसिफ AIADMK-Congress Alliance (1991) | AIADMK-Congress Alliance (1991) | 39,02855.1% |
| 2 | नांजिल के. मनोहरन | 26,57637.5% | |
| 3 | अऴगुमणि | 2,8414.0% | |
| 4 | पार्थसारथी | 1,4812.1% | |
| 5 | मुरुगेसन JP | JP | 4780.7% |
| 6 | विजयलक्ष्मी निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 7 | सेल्वम निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 8 | सतियावती ज्ञानदास निर्दलीय | निर्दलीय | 720.1% |
| 9 | राघवेन्द्र राव TMM | TMM | 720.1% |
| 10 | वैथिनाथन निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 11 | दीनन निर्दलीय | निर्दलीय | 320.1% |
| 12 | मरगथवल्ली निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
| 13 | पन्नीरसेल्वम निर्दलीय | निर्दलीय | 170.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADK और DMK को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ट्रिप्लिकेन से कौन जीता, 1977–2006
ADK ने यह सीट DMK से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह ADK की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 68.9% से घटकर 54.8% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट DMK ने जीती।
- 1977एम. अरंगनाथन (DMK), जीत का अंतर 3.2%
- 1980हजा शरीफ, के.एस.जी. (INC(I)), जीत का अंतर 10.8%
- 1984अब्दुल समद (DMK), जीत का अंतर 8.5%
- 1989नांजिल के. मनोहरन (DMK), जीत का अंतर 12.6%
- 1991मोहम्मद आसिफ (ADK), जीत का अंतर 17.6%
- 1996नांजिल मनोहरन, के. (DMK), जीत का अंतर 48.7%
- 2001हुसैन एस.ए.एम. (DMK), जीत का अंतर 5.2%
- 2006बदर सईद (ADMK), जीत का अंतर 3.3%