गंगटोकविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
नरेन्द्र कु. प्रधान (SSP) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर गंगटोक सीट जीती और दिल्ली प्रसाद ढुंगेल (INC) को 728 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 31 लाचेन मंगन है।
विजेता
10.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेन्द्र कु. प्रधान SSP | SSP | 2,79839.5% |
| 2 | दिल्ली प्रसाद ढुंगेल | 2,07029.3% | |
| 3 | शेर बहादुर सुबेदी | 1,25317.7% | |
| 4 | बालचंद निर्दलीय | निर्दलीय | 6178.7% |
| 5 | पेंजो डी. नामग्याल निर्दलीय | निर्दलीय | 600.8% |
| 6 | कृष्ण एस. बसनेती निर्दलीय | निर्दलीय | 550.8% |
| 7 | गोकुल सिंह सिंचुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 520.7% |
| 8 | किरण छेत्री | 460.7% | |
| 9 | प्रेन प्रकाश गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 420.6% |
| 10 | एल.बी. प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 330.5% |
| 11 | नोर्डेन ग्यालपो काली निर्दलीय | निर्दलीय | 330.5% |
| 12 | धान माया गिरी निर्दलीय | निर्दलीय | 150.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गंगटोक से कौन जीता, 1979–2004
SSP ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.4% से घटकर 39.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1989 के 66.5% से बढ़कर 71.0% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी SSP ने यह सीट अपने पास रखी।