खामदोंगविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
गोपाल लामिछाने (SDF) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 52.2% वोट पाकर खामदोंग सीट जीती और गंजु थताल (SSP) को 1,096 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 22 नामचेबुंग है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गोपाल लामिछाने 17.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपाल लामिछाने | 3,26052.2% | |
| 2 | गंजु थताल SSP | SSP | 2,16434.7% |
| 3 | बिरखा मान रामुदामु | 5018.0% | |
| 4 | दल बहादुर थताल वाम दल | वाम दल | 2383.8% |
| 5 | भीम सिंह सूनार निर्दलीय | निर्दलीय | 460.7% |
| 6 | मान बहादुर बगदास निर्दलीय | निर्दलीय | 200.3% |
| 7 | टी.बी. खाती निर्दलीय | निर्दलीय | 150.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SDF, SSP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खामदोंग से कौन जीता, 1979–2004
SDF ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1979 से शुरू होता है, यह SDF की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 66.3% से बढ़कर 79.4% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी SDF ने यह सीट अपने पास रखी।