पाथिंगविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
राम लेपचा (SSP) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 43.4% वोट पाकर पाथिंग सीट जीती और सोनम दोरजी (SDF) को 777 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 20 चुजाचेन है।
विजेता
12.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम लेपचा SSP | SSP | 2,62543.4% |
| 2 | सोनम दोरजी | 1,84830.6% | |
| 3 | संगे दोरजी भूटिया | 1,03017.0% | |
| 4 | पेमा नामग्याल काज़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 3375.6% |
| 5 | पालदेन भूटिया वाम दल | वाम दल | 1101.8% |
| 6 | फुरबा टेम्पा शेरपा निर्दलीय | निर्दलीय | 671.1% |
| 7 | चुंग चुंग भूटिया निर्दलीय | निर्दलीय | 240.4% |
| 8 | दोरजी छे. भूटिया निर्दलीय | निर्दलीय | 70.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पाथिंग से कौन जीता, 1979–2004
SSP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 68.8% से घटकर 43.4% रह गया। मतदान प्रतिशत 1989 के 73.5% से बढ़कर 81.4% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी SSP ने यह सीट अपने पास रखी।