मेल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
गिरीश चन्द्र राय (SDF) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 52.6% वोट पाकर मेल्ली सीट जीती और मनिता प्रधान (SSP) को 955 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 14 टेमी-नामफिंग है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गिरीश चन्द्र राय 16.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गिरीश चन्द्र राय | 3,10852.6% | |
| 2 | मनिता प्रधान SSP | SSP | 2,15336.5% |
| 3 | देव नारायण प्रधान | 5599.5% | |
| 4 | चन्द्र बस्नेत निर्दलीय | निर्दलीय | 470.8% |
| 5 | लाल बीर सुब्बा निर्दलीय | निर्दलीय | 280.5% |
| 6 | बिष्णु कुमार राय निर्दलीय | निर्दलीय | 100.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SDF, SSP और INC को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मेल्ली से कौन जीता, 1979–2004
SDF ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1979 से शुरू होता है, यह SDF की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 70.2% से बढ़कर 82.9% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी SDF ने यह सीट अपने पास रखी।