रामगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
ज्ञान देव आहुजा (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 46.2% वोट पाकर रामगढ़ सीट जीती और ज़ुबैर खान (INC) को 4,224 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 62 डीग थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 62 बहरोड़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। ज्ञान देव आहुजा 4.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ज्ञान देव आहुजा NDA | NDA | 42,96646.2% |
| 2 | ज़ुबैर खान | 38,74241.6% | |
| 3 | राम स्वरूप मुदाही | 4,7775.1% | |
| 4 | रामावतार निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3093.6% |
| 5 | बिमला | 1,4091.5% | |
| 6 | धर्म चन्द जैन | 1,2381.3% | |
| 7 | मा बिहारी लाल सैनी | 2570.3% | |
| 8 | भोला राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.2% |
| 9 | कमरू निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रामगढ़ से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 67.3% से बढ़कर 73.7% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।