महवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
हरि सिंह (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 36.7% वोट पाकर महवा सीट जीती और कृपा शंकर (निर्दलीय) को 11,732 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 87 अजमेर पश्चिम थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 87 सिकराय है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि सिंह | 30,27136.7% | |
| 2 | कृपा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 18,53922.4% |
| 3 | टीकम सिंह | 13,69716.6% | |
| 4 | कंवर पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 13,26516.1% |
| 5 | महेन्द्र सिंह जनता दल | जनता दल | 3,7544.5% |
| 6 | भारत सिंह | 1,7202.1% | |
| 7 | श्री राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4880.6% |
| 8 | दिनेश सिंह | 2530.3% | |
| 9 | हजारी लाल पालनहेड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.3% |
| 10 | तारा चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.3% |
| 11 | बद्री निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
महवा से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.4% से घटकर 36.7% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 73.3% से घटकर 62.7% रह गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।