धौलपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
बनवारी लाल (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर धौलपुर सीट जीती और वसुन्धरा राजे (BJP) को 4,167 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 78 महवा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 78 बाड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बनवारी लाल 4.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बनवारी लाल | 40,76139.5% | |
| 2 | वसुन्धरा राजे | 36,59435.5% | |
| 3 | बाबू सिंह जनता दल | जनता दल | 22,88222.2% |
| 4 | जितेन्द्र सिंह | 6360.6% | |
| 5 | लखन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6140.6% |
| 6 | चन्द प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 5600.5% |
| 7 | राधे श्याम | 3380.3% | |
| 8 | बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 3160.3% |
| 9 | सुरेन्द्र समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 2410.2% |
| 10 | माणिक चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 11 | राघोवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 12 | इन्द्रेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धौलपुर से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 66.0% से बढ़कर 73.3% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।