रूपबासविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
मोती लाल (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 31.5% वोट पाकर रूपबास सीट जीती और लाला राम केन (INC) को 2,799 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 73 खण्डार थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 73 भरतपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मोती लाल 4.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोती लाल | 18,69131.5% | |
| 2 | लाला राम केन | 15,89226.8% | |
| 3 | निर्भय लाल जनता दल | जनता दल | 15,48226.1% |
| 4 | विशानी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9755.0% |
| 5 | गिर्राज समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 2,6104.4% |
| 6 | भगवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2562.1% |
| 7 | जल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6481.1% |
| 8 | उदय सिंह | 4110.7% | |
| 9 | ओम प्रकाश | 3500.6% | |
| 10 | राज कुमार उर्फ़ पप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 3400.6% |
| 11 | मूली राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.5% |
| 12 | गोवर्धन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1890.3% |
| 13 | पृथ्वीराज सोनकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रूपबास से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 49.3% से बढ़कर 53.4% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।