जयपुर ग्रामीणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
उजाला अरोड़ा (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 47.5% वोट पाकर जयपुर ग्रामीण सीट जीती और सिराज मोहम्मद खान (JD) को 20,481 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 40 फुलेरा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 40 कोटपूतली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — उजाला अरोड़ा 24.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उजाला अरोड़ा | 40,16947.5% | |
| 2 | सिराज मोहम्मद खान जनता दल | जनता दल | 19,68823.3% |
| 3 | सुरेश शर्मा | 13,30515.7% | |
| 4 | अरुणा गौड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 8,0559.5% |
| 5 | लक्ष्मण सैनी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4231.7% |
| 6 | राम स्वरूप शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2890.3% |
| 7 | मोती लाल जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 2610.3% |
| 8 | ए. जवार निर्दलीय | निर्दलीय | 2180.3% |
| 9 | नाथू | 2030.2% | |
| 10 | आर. के. आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.2% |
| 11 | छगन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
| 12 | सुरेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
| 13 | मोहम्मद अहसान निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 14 | अजय निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 15 | मोहन लाल सैनी निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 16 | मो. सरफराज | 720.1% | |
| 17 | हेमलता निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 18 | सफीउद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
| 19 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 320.0% |
| 20 | सत्य नारायण काजलवाला | 300.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जयपुर ग्रामीण से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1980 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.2% से घटकर 47.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 40.6% से बढ़कर 57.5% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।