टिब्बीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
शशि दत्त (निर्दलीय) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 29.6% वोट पाकर टिब्बी सीट जीती और काशी राम (INC) को 743 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 3 संगरिया थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 3 श्रीकरणपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
टिब्बी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 743 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शशि दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 33,90429.6% |
| 2 | काशी राम | 33,16129.0% | |
| 3 | डूंगर राम पंवार | 17,32615.2% | |
| 4 | राम जस | 8,3167.3% | |
| 5 | मणि राम पुत्र राम करण निर्दलीय | निर्दलीय | 8,2597.2% |
| 6 | कृष्ण लाल जनता दल | जनता दल | 7,2526.3% |
| 7 | जसवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8282.5% |
| 8 | रौनक राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1251.0% |
| 9 | बुरा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6260.6% |
| 10 | महेन्द्र कौर निर्दलीय | निर्दलीय | 6000.5% |
| 11 | लालचंद मेघवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5040.4% |
| 12 | मणि राम पुत्र मुख राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2740.2% |
| 13 | राम कुमार | 2220.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टिब्बी से कौन जीता, 1977–2003
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 55.1% से बढ़कर 59.3% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।