परबतसरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
राकेश मेघवाल (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 47.2% वोट पाकर परबतसर सीट जीती और मोहन लाल चौहान (INC) को 42 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 197 नहीं थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 197 डग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
परबतसर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 42 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राकेश मेघवाल | 39,82547.2% | |
| 2 | मोहन लाल चौहान | 39,78347.2% | |
| 3 | सुखा राम जनता दल | जनता दल | 1,4231.7% |
| 4 | सुकनाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0771.3% |
| 5 | राम पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0231.2% |
| 6 | मोहन राम | 8951.1% | |
| 7 | राम स्वरूप बलाई निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.2% |
| 8 | पुष्पा देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
परबतसर से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 57.0% से बढ़कर 61.6% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।