सरदारपुराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
राजेन्द्र गेहलोत (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 52.7% वोट पाकर सरदारपुरा सीट जीती और राजेन्द्र सिंह सोलंकी (INC) को 8,493 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 184 मेड़ता थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 184 हिंडोली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
31 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेन्द्र गेहलोत | 42,66052.7% | |
| 2 | राजेन्द्र सिंह सोलंकी | 34,16742.2% | |
| 3 | राम कुमार छापरवाल जनता दल | जनता दल | 6510.8% |
| 4 | ओंकार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5910.7% |
| 5 | ताज मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 3880.5% |
| 6 | जुगल गेहलोत निर्दलीय | निर्दलीय | 3320.4% |
| 7 | अब्दुल अजीज बेलीम | 3010.4% | |
| 8 | लक्ष्मण दास | 1740.2% | |
| 9 | कल्याण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.2% |
| 10 | सुमति अरोड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.2% |
| 11 | शब्बीर | 1230.1% | |
| 12 | श्याम सुन्दर निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.1% |
| 13 | छनावर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 14 | भ्रम सिंह गेहलोत | 1040.1% | |
| 15 | अशोक कुमार जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 16 | मांगी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 17 | प्रलयंकर जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 18 | राजेन्द्र कोठारी निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 19 | सुनील नाथ मोदी निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 20 | अशोक निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 21 | दिलीप सिंह ओड निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 22 | जमील अहमद समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 680.1% |
| 23 | ओम प्रकाश नागोरी निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 24 | भोपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 25 | बजरंग सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 26 | महेन्द्र सिंह टाक निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 27 | संपत राज जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
| 28 | नैन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
| 29 | जबर निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
| 30 | अमर चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 260.0% |
| 31 | बंसी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 260.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरदारपुरा से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.9% से घटकर 52.7% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 48.3% से बढ़कर 54.3% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977माधो सिंह (JNP), जीत का अंतर 10.8%
- 1980मानसिंह देवड़ा (INC(I)), जीत का अंतर 10.8%
- 1985मान सिंह देवरा (INC), जीत का अंतर 30.5%
- 1990राजेन्द्र गेहलोत (BJP), जीत का अंतर 23.8%
- 1993राजेन्द्र गेहलोत (BJP), जीत का अंतर 10.5%
- 1998मान सिंह देवरा (INC), जीत का अंतर 19.7%
- 2003अशोक गेहलोत (INC), जीत का अंतर 18.4%