पिंडवाड़ा आबूविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
प्रभु राम गरासिया (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 47.4% वोट पाकर पिंडवाड़ा आबू सीट जीती और सुरमा राम गरासिया (INC) को 1,194 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 168 शेरगढ़ थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 168 बेगूं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पिंडवाड़ा आबू का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,194 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रभु राम गरासिया | 33,78947.4% | |
| 2 | सुरमा राम गरासिया | 32,59545.7% | |
| 3 | धना राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5622.2% |
| 4 | बाबू राम गरासिया RVMM | RVMM | 9961.4% |
| 5 | भागा राम डी. मीना निर्दलीय | निर्दलीय | 7601.1% |
| 6 | जीवा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6610.9% |
| 7 | दुंगा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3870.5% |
| 8 | भेरा राम गरासिया | 3770.5% | |
| 9 | लादू राम मीना निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिंडवाड़ा आबू से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.0% से घटकर 47.4% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 42.6% से बढ़कर 46.9% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।