कुशलगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
फतेह सिंह (JD) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 54.8% वोट पाकर कुशलगढ़ सीट जीती और हरि राम (INC) को 14,350 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 128 राजसमन्द थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 128 जोधपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — फतेह सिंह 18.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | फतेह सिंह जनता दल | जनता दल | 42,07254.8% |
| 2 | हरि राम | 27,72236.1% | |
| 3 | गोर सिंह वसुनिया | 3,2094.2% | |
| 4 | विजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5813.4% |
| 5 | राजेंग निर्दलीय | निर्दलीय | 8541.1% |
| 6 | हवलदार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.3% |
| 7 | गोतम लाल | 700.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, INC और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुशलगढ़ से कौन जीता, 1977–2003
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 66.3% से घटकर 54.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 55.0% से बढ़कर 62.1% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।