बड़ी सादड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
गुलाबचन्द कटारिया (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 52.0% वोट पाकर बड़ी सादड़ी सीट जीती और दिनेश जोशी (INC) को 7,788 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 126 वल्लभ नगर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 126 भोपालगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुलाबचन्द कटारिया | 50,86252.0% | |
| 2 | दिनेश जोशी | 43,07444.0% | |
| 3 | देवा | 1,5311.6% | |
| 4 | फतेह सिंह मेहता जनता दल | जनता दल | 1,2491.3% |
| 5 | वरदा रावत निर्दलीय | निर्दलीय | 8920.9% |
| 6 | किशन लाल मेनारिया | 2040.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बड़ी सादड़ी से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.2% से बढ़कर 52.0% हो गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 51.0% से बढ़कर 67.0% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।