नगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
संपत सिंह (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 38.8% वोट पाकर नगर सीट जीती और चाव खान (निर्दलीय) को 5,281 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 69 धौलपुर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 69 कठूमर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | संपत सिंह Lok Dal | Lok Dal | 21,15738.8% |
| 2 | चाव खान निर्दलीय | निर्दलीय | 15,87629.1% |
| 3 | बृम्हानंद दरीवाला | 11,85821.7% | |
| 4 | प्रभु दयाल ICJ | ICJ | 3,2115.9% |
| 5 | ओम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3002.4% |
| 6 | महमूदा निर्दलीय | निर्दलीय | 3910.7% |
| 7 | उमेद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.4% |
| 8 | पूरन निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.3% |
| 9 | शराब खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.3% |
| 10 | भगत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.2% |
| 11 | अली हुसैन ICS | ICS | 1130.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नगर से कौन जीता, 1977–2003
LKD ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 57.1% से बढ़कर 63.5% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।