सांगानेरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
विद्या पाठक (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 53.4% वोट पाकर सांगानेर सीट जीती और रमेश चन्द्र घिया (INC) को 7,248 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 47 बस्सी थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 47 आमेर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विद्या पाठक | 27,59053.4% | |
| 2 | रमेश चन्द्र घिया | 20,34239.4% | |
| 3 | महावीर प्रसाद सैनी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0602.0% |
| 4 | कल्याण कटारिया निर्दलीय | निर्दलीय | 8311.6% |
| 5 | रामशाई सौरठिया निर्दलीय | निर्दलीय | 4850.9% |
| 6 | भंवर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4600.9% |
| 7 | राम चन्द्र चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3150.6% |
| 8 | नवरतन लाल अलोरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1730.3% |
| 9 | सत्य नारायण शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.3% |
| 10 | मांगी लाल मीना निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.2% |
| 11 | संपत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 900.2% |
| 12 | सरोज शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सांगानेर से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1980 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 38.4% से बढ़कर 53.4% हो गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 50.6% से बढ़कर 51.5% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।