खेतड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
माला राम (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 50.0% वोट पाकर खेतड़ी सीट जीती और नरेशपाल सिंह (INC) को 3,266 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 25 झुन्झुनू थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 25 पिलानी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | माला राम | 25,18450.0% | |
| 2 | नरेशपाल सिंह | 21,91843.5% | |
| 3 | परमेश्वर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 9892.0% |
| 4 | सत्य नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 4901.0% |
| 5 | रामेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 3410.7% |
| 6 | राम निवास निर्दलीय | निर्दलीय | 3150.6% |
| 7 | महादेव निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.5% |
| 8 | गोरू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.5% |
| 9 | याद राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.4% |
| 10 | बुध राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1830.4% |
| 11 | भीम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.3% |
| 12 | श्याम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 800.2% |
| 13 | राम धारी निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खेतड़ी से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1980 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.6% से घटकर 50.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 54.7% से घटकर 48.2% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।